मुख्यमंत्री के निर्देशन में खिर्सू जनसेवा शिविर में विभागीय सेवाएं एक छत के नीचे
पौड़ी- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” थीम के अंतर्गत विकासखंड खिर्सू सभागार में जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकवाना, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, ब्लॉक प्रमुख अनिल भंडारी सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का स्वागत किया गया। खंड विकास अधिकारी शिव सिंह भंडारी ने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए सेवा पखवाड़ा अभियान की जानकारी दी।
शिविर में स्वास्थ्य, राजस्व, विद्यालयी शिक्षा, उद्योग, ग्रामोत्थान, सहकारिता, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, कृषि, उद्यान, सेवायोजन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, समाज कल्याण, पशुपालन सहित विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर आमजन को योजनाओं की जानकारी दी तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही सेवाएं उपलब्ध कराईं। शिविर में आधार पंजीकरण एवं अद्यतन की सुविधा भी उपलब्ध करायी गयी।
कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री एवं जिलाधिकारी ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर लाभार्थियों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक लाभार्थी का विवरण सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नवाचारों की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया गया। साथ ही राज्यमंत्री ने खिर्सू क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर एक शिशु का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया, दो गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की गई तथा दो महिलाओं को महालक्ष्मी किट वितरित की गई। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 12 बालिकाओं को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की टी-शर्ट देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने महिला सुविधा के लिए स्थापित सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन का भी अवलोकन किया तथा स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों का निरीक्षण किया।
शिविर में क्षेत्रवासियों ने खिर्सू में पेयजल वितरण व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं, समाज कल्याण पेंशन तथा श्रीनगर-खिर्सू मोटर मार्ग पर मलबा जमा होने जैसी समस्याएं उठाईं। इस पर जिलाधिकारी ने पेयजल वितरण लाइन का सर्वे कर नई योजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए तथा खंड विकास अधिकारी को ब्लॉक परिसर में पेयजल कनेक्शन तत्काल लेने को कहा। स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जिलाधिकारी ने अल्ट्रासाउंड जैसी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा जरूरत पड़ने पर मरीजों को “खुशियों की सवारी” के माध्यम से निकटस्थ अस्पताल पहुँचाने के निर्देश दिए। साथ ही मोटर मार्ग पर मलबा हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग को तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। शिविर में समाज कल्याण पेंशन संबंधी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने संबंधित शिकायतकर्ताओं का विवरण दर्ज कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” की भावना के साथ गांव-गांव पहुंचकर आमजन की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनसेवा शिविरों का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाते हुए विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि शिविरों एवं ब्लॉक स्तर पर प्राप्त शिकायतों का यथासंभव स्थानीय स्तर पर ही त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण के बाद संबंधित शिकायतकर्ताओं को इसकी सूचना भी अवश्य दी जाए तथा विभागीय अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से ग्राम स्तर पर उपस्थित रहकर योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी पंचायत स्तर पर शिकायतों के प्रभावी समाधान में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की।
शिविर में उद्यान विभाग ने 30 लाभार्थियों को कृषि यंत्र एवं पौध वितरित किए। होम्योपैथिक विभाग ने 79 तथा आयुर्वेदिक विभाग ने 87 लोगों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया। स्वास्थ्य विभाग ने 45 लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं। एनआरएलएम के माध्यम से 22 लाभार्थियों को उत्पादों की बिक्री एवं विपणन का लाभ मिला। कृषि विभाग ने 16 किसानों को कृषि यंत्र, पौध एवं उर्वरक वितरित किए। बाल विकास विभाग ने 17 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट, टी-शर्ट वितरण, गोद भराई एवं अन्नप्राशन जैसी सेवाओं का लाभ दिया। उद्योग विभाग ने 15 लोगों को उद्योग संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराईं, जबकि सहकारिता विभाग 03 और राजस्व विभाग ने 4 लोगों को योजनाओं का लाभ दिया। ग्रामोत्थान रीप ने 22 लाभार्थियों को उत्पादन की बिक्री की। इसके अलावा शिविर में कुल 21 शिकायतें दर्ज हुई, अधिकांश का मौके पर निस्तारण किया गया।
कार्यक्रम में परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद्र, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेय सयाना, जिला पंचायती राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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