जगार, आजीविका और सड़क सुविधाओं पर फोकस, कैबिनेट मंत्री ने की विकास योजनाओं की समीक्षा
बांस, पशुपालन और स्थानीय उत्पादों से बढ़ेगी ग्रामीण आय, योजनाओं के कन्वर्जेंस पर जोर
पौड़ी- ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म, मध्यम उद्यम तथा खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री भरत सिंह चौधरी ने शनिवार को जिला मुख्यालय पौड़ी पहुंचकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा की। स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार एवं मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
बैठक में वीबी-जी रामजी योजना, मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पशुपालन, बांस मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं के बीच बेहतर कन्वर्जेंस जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए स्थानीय संसाधनों को आजीविका से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
वीबी-जी रामजी योजना की समीक्षा करते हुए कैबिनेट मंत्री ने मनरेगा की लंबित देनदारियों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नई योजना के प्रावधानों एवं कार्यप्रणाली की जानकारी ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा। बैठक में प्रधान संगठन के पदाधिकारियों से भी योजना के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक करने का आह्वान किया गया। कैबिनेट मंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी को अधिकाधिक मानव दिवस सृजित करने तथा मनरेगा सहायकों को सक्रिय रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा में क्षतिग्रस्त पुश्तों सहित आवश्यक कार्यों को योजनाओं से जोड़ने तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एवं वाटरशेड मैनेजमेंट को भी प्राथमिकता देने को कहा।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बांस और रिंगाल जैसे स्थानीय संसाधनों को व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीणों की आय बढ़ायी जा सकती है। उन्होंने बताया कि ग्राम्य विकास संस्थान, रुद्रपुर में बांस की विभिन्न प्रजातियों को विकसित किया जा रहा है तथा देहरादून के सभावाला में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। उन्होंने पौड़ी में उपयुक्त भूमि, विशेषकर सड़क किनारे की भूमि में बांस की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बांस का उपयोग फेंसिंग के साथ ही चारे के विकल्प के रूप में भी किया जा सकता है, जिससे किसानों की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।

पशुपालन क्षेत्र की समीक्षा के दौरान कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पर्वतीय जिलों में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। पशुपालन को अन्य विभागीय योजनाओं के साथ जोड़कर रोजगार और आय के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने पशु सखियों को कृत्रिम गर्भाधान का अनिवार्य प्रशिक्षण देने तथा किसानों को बंजर भूमि पर नेपियर घास उगाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दिए। गोट वैली जैसी गतिविधियों को भी कन्वर्जेंस के माध्यम से आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अच्छी नस्ल के पशुओं के पालन से डेयरी, गोबर गैस प्लांट सहित अन्य सहायक रोजगार विकसित किए जा सकते हैं। इससे पलायन को रोकने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कैबिनेट मंत्री को जिले में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समूहों द्वारा अपशिष्ट पिरूल से पेलेट तैयार किए जा रहे हैं। वहीं ग्रामोत्थान परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट ने बताया कि महिला स्वयं सहायता समूह माल्टे के छिलकों से फेस पैक, बायो-एंजाइम सहित विभिन्न उत्पाद तैयार कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और अधिक से अधिक ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने जिले में कीवी उत्पादन को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने चरण-4 में अधिक से अधिक सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, ताकि छोटे और दूरस्थ गांवों को भी सड़क सुविधा से जोड़ा जा सके। उन्होंने वन भूमि से संबंधित मामलों में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए चेकलिस्ट के अनुसार सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रस्ताव भेजने तथा सर्वे, डीपीआर और अन्य प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए बेहतर सड़क कनेक्टिविटी आवश्यक है।
कैबिनेट मंत्री ने जिले में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों को बधाई दी और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास जारी रखने को कहा।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, खंड विकास अधिकारी पौड़ी दृष्टि आनंद, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्र प्रकाश उपाध्याय, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह, मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा, ग्रामोत्थान परियोजना अधिकारी कुलदीप बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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