July 21, 2026

Spasht Bharat

न्यूज़ पोर्टल

जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज, सुपरवाइजरों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ

जनगणना राष्ट्रीय विकास की आधारशिला, शत-प्रतिशत शुद्धता और पारदर्शिता के साथ पूरा करें कार्य : जिलाधिकारी

पौड़ी- जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों के तहत जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में सुपरवाइजरों (राजस्व उपनिरीक्षक) के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों से इसे पूर्ण गंभीरता, उत्तरदायित्व एवं समर्पण के साथ ग्रहण करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशिक्षित कार्मिक ही जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।

जिलाधिकारी ने प्रथम चरण के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि द्वितीय चरण भी पूरी दक्षता, शुद्धता एवं समयबद्धता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की विकास नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण तथा भविष्य की विकास रणनीति का आधार है। इसलिए प्रत्येक सूचना का संकलन पूरी पारदर्शिता, सटीकता एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान सांख्यिकीय आंकड़ों को मोबाइल एप एवं पोर्टल पर दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस चरण में ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी संकलित की जाएगी, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, संचार, बैंकिंग सेवाएं, विद्युत एवं अन्य ईंधन की उपलब्धता, भूमि उपयोग, कृषि, हस्तशिल्प सहित विभिन्न विकास संकेतकों का डिजिटल रूप से संकलन किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व उपनिरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वेक्षण कर वास्तविक आंकड़े ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इससे केंद्र एवं राज्य सरकार को जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति का आकलन करने तथा आवश्यकता आधारित विकास योजनाएं तैयार करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों से आमजन को जनगणना के महत्व के प्रति जागरूक करने तथा प्रत्येक नागरिक से सही एवं पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मास्टर ट्रेनरों से अपेक्षा की कि प्रशिक्षण सत्र व्यवहारिक, संवादात्मक एवं रोचक हों, ताकि फील्ड में कार्य करते समय किसी भी अधिकारी को तकनीकी अथवा प्रक्रियागत कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय एवं प्रमाणिक आंकड़े ही प्रभावी नीति निर्माण का आधार बनते हैं।

अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान ने कहा कि जनगणना कार्य केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने चार्ज अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की सूक्ष्म स्तर पर तैयारी सुनिश्चित करने, क्षेत्रीय सीमाओं का सही निर्धारण करने तथा किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति अथवा छूट से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पर्यवेक्षकों से अधीनस्थ प्रगणकों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने तथा फील्ड मॉनिटरिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस पर पौड़ी तहसील के राजस्व उपनिरीक्षकों को भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय तथा जनगणना निदेशालय के विशेषज्ञों द्वारा सर्वेक्षण प्रक्रिया, डिजिटल डेटा संकलन एवं पोर्टल संचालन का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला में बताया गया कि जनगणना-2027 का द्वितीय चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी, 2027 तक संचालित होगा। जबकि उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान के तहत यह कार्य 11 सितंबर से 30 सितंबर, 2026 तक प्रस्तावित है। इस बार की जनगणना कई दृष्टियों से ऐतिहासिक होगी, क्योंकि पहली बार संपूर्ण प्रक्रिया शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी। प्रगणक एवं पर्यवेक्षक अपने मोबाइल फोन पर उपलब्ध मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़ों का संकलन करेंगे तथा संपूर्ण संचालन, पर्यवेक्षण एवं प्रबंधन के लिए जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस पोर्टल) का उपयोग किया जाएगा। इससे आंकड़ों की गुणवत्ता, सटीकता और त्वरित संकलन सुनिश्चित होगा।

कार्यशाला में तहसीलदार राजेंद्र गोस्वामी, अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला, मास्टर ट्रेनर शिव कुमार एवं कमल कर्नाटक सहित सभी राजस्व उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।